Monday, February 1, 2016

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी की पत्नी का देहान्त


कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी की पत्नी सुधा त्रिपाठी का ‘एम्स’ में निधन हो गया। 78 वर्ष की सुधा त्रिपाठी को सांस लेने में दिक्कत होने पर 21 जनवरी को एम्स में भर्ती कराया गया था जहां सोमवार की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी को पत्नी के निधन की सूचना कोलकाता के राजभवन में मिली। वह शोक में डूब गए और कुछ देर के लिए मौन में चले गए। शोकाकुल परिजनों और परिचितों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं। सुधा त्रिपाठी की अंतिम यात्रा लोहिया मार्ग स्थित उनके आवास से सुबह नौ बजे दारागंज घाट के लिए प्रस्थान करेगी।

वरिष्ठ नेता और संविधान के मर्मज्ञ पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी की पत्नी सुधा त्रिपाठी 78 वर्ष की थीं। 21 जनवरी को जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो शहर के ही स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती किया गया और उसके बाद पंडित केशरीनाथ और उनके पुत्र नीरज त्रिपाठी उन्हें एयर एम्बुलेंस से लेकर दिल्ली के ‘एम्स’ गए थे। उनकी हालत में उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ और वह कोमा में चली गई थीं।

पंडित त्रिपाठी के निकट सहयोगी और उनके पारिवारिक मित्र पंडित बब्बूराम द्विवेदी के मुताबिक ‘सुधा जी की मृत्यु का समाचार पंडित जी को कोलकाता के राजभवन में मिला। वह भीतर तक टूट गए, कुछ देर मौन में रहे’। पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी सोमवार की दोपहर बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचे और वहां से इलाहाबाद आए। देर रात उनका पार्थिव शरीर उनके आवास पर लाया गया। उनके पुत्र एडोवकेट नीरज त्रिपाठी और उनकी बेटियों समेत सैकड़ों लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी के जीवन में सुधा त्रिपाठी दो फरवरी को शामिल हुईं। वर्ष 1958 में केशरीनाथ दो फरवरी को सुधा त्रिपाठी के साथ परिणय सूत्र में बंधे थे। जीवन का लम्बा वक्त साथ बिताने के बाद दो फरवरी को ही सुधा त्रिपाठी की अंतिम यात्रा निकलेगी।

कवि हृदय केशरीनाथ त्रिपाठी के जीवन में खुशियों के रंग घोलती रहीं सुधा त्रिपाठी गृहस्थी का भार अपने कांधे पर उठाए रहीं और सबको स्नेह, दुलार देती रहीं। उनके पुत्र नीरज त्रिपाठी और दोनों बेटियों के साथ पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी के सार्वजनिक जीवन में साथ आए सैकड़ों लोगों का उनसे ममत्व भरा रिश्ता रहा।

सुधा त्रिपाठी के निधन की सूचना से शहर के हजारों लोग शोक में डूब गए। केशरीनाथ के राजनीतिक, वकालत और सार्वजनिक जीवन के तमाम मित्रों, भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर शोक जताया। दो दर्जन से अधिक संगठनों ने सोमवार को दिन में उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं। एक शोक सभा में कर्मचारी नेता कृपा शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि जब वह जेल में थे, सुधा जी घर से बना भोजन लेकर उनके खिलाने गईं। ऐसा ममत्व वह हर कार्यकर्ता पर लुटाती रहीं। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता योगेश शुक्ला, बब्बूराम द्विवेदी, राम रक्षा द्विवेदी, शशि वाष्र्णेय, सांसद केशव प्रसाद, विनोद सोनकर, श्यामा चरण गुप्ता से लेकर हाईकोर्ट बार के पदाधिकारियों ने उनके निधन पर शोक जताया है। मंगलवार को उनकी अंतिम यात्रा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकान्त बाजपेई के साथ अन्य वरिष्ठ नेता आएंगे।