Saturday, October 3, 2015

मधेसियों ने भारतीय वाहनों को फूंकने का फिर किया ऐलान

नेपाल के संविधान में समानता और मधेस प्रदेश की मांग को लेकर मधेसी नेताओं ने दो दिन बाद शनिवार को फिर सोनौली में नो मेंस लैंड पर धरना दिया। दो घंटे तक नेपाल की ओर एक भी वाहन नहीं जाने दिया, इससे आपूर्ति व्यवस्था फिर लड़खड़ा गई। मधेसियों ने नेपाल में भारतीय वाहनों को देखते ही फूंकने की फिर धमकी देकर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 

गुरुवार शाम नेपाल के बेलहिया में दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक के बाद पटरी पर आई आपूर्ति व्यवस्था शनिवार को भी बेपटरी हो गई। नो मेंस लैंड पर मधेसियों के धरने की वजह से दिन में 11 बजे से करीब एक बजे तक सीमा पर आवाजाही ठप रही। इस दौरान बेलहिया में नेपाली सशस्त्र बल और सोनौली में भारतीय सुरक्षा बल के जवान मुस्तैद रहे। 

मधेसी नेताओं संतोष पाण्डेय, अजय, प्रवीण ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था बहाल होने से नेपाल में दबाव कम हो रहा है। ऐसे में आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए आपूर्ति व्यवस्था किसी सूरत में बहाल नहीं होने देंगे। इसके लिए भारतीय वाहनों को फूंकने से भी परहेज नहीं करेंगे। चेतावनी के बाद अगर भारतीय मालवाहक वाहन नेपाल आने से बाज नहीं आए तो  उनसे सख्ती से निपटेंगे।

अनौपचारिक बातचीत में सुलह के दिखे संकेत
मधेसी आन्दोलन की आग में झुलस रहे नेपाल में शांति के संकेत मिले हैं। प्रधानमंत्री गिरजा प्रसाद कोईराला और तीन प्रमुख दलों के साथ संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा के संयोजन महंत ठाकुर की  अनौपचारिक बातचीत में चार मांगों में से दो पर सहमति बन गई है। इस रविवार को सविधान में शामिल किया जा सकता है।