Saturday, October 3, 2015

इंद्राणी की हालत खतरे से बाहर नहीं



अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की हालत अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। जेजे अस्पताल के डीन डाक्टर टीपी लहाणे का कहना है कि इंद्राणी के लिए 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्हें वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया है। लेकिन सांस लेने में तकलीफ होने की वजह से उन्हें ऑक्सीजन दिया जा रहा है। 

इंद्राणी को शुक्रवार को जेजे अस्पताल में बेहोशी की हालत में भर्ती किया गया था। ऐसा माना जा रहा था कि इंद्राणी ने मिर्गी की दवा ज्यादा मात्रा खा ली थी जिससे वह बेहोश हो गई थी। उनका गैस्ट्रिक लेवेन जांच कराया गया है। डाक्टर लहाणे के मुताबिक गैस्ट्रिक लेवेन जांच में दवा नहीं मिली है। यह संभव है कि दवा घुल गई होगी। इसलिए उनके खून और पेशाब की भी जांच कराई गई। 

सूत्रों के मुतबिक इस रिपोर्ट में भी दवा नहीं मिली है। इस बीच हिन्दूजा अस्पताल की रिपोर्ट में भी ओपियम पॉइजन नहीं मिला है। डाक्टर लहाणे ने पत्रकारों को बताया कि इंद्राणी डाक्टरों की बातों पर रिस्पांस दे रही हैं। वह बीच-बीच में आंखें भी खोल रही हैं। 

इंद्राणी की फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट से यह जाहिर हो रहा है कि उन्होंने कोई दवा नहीं ली थी। लेकिन महाराष्ट्र सरकार के आदेश पर इंद्राणी की बिगड़ी हालत की जांच जेल प्रशासन की ओर से की जा रही है। इसमें पता किया जा रहा है कि इंद्राणी को दवा खिलाने में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई है। आईजी (जेल) बिपीन कुमार सिंह के मुताबिक जांच रिपोर्ट सोमवार तक सौंपा जा सकता है। 

भायखला जेल में डाक्टरों की निगरानी में इंद्राणी को 12 से 26 सितम्बर के दौरान मिर्जपिन (टकफेअढकठ) और पिजोलोन (ढकेडछडठ) नामक दवाएं दी गई थी। लेकिन आईजी (जेल) सिंह का कहना है कि शुक्रवार की सुबह पांच बजे गीता पढ़ने के दौरान इंद्राणी बेहोश हो गई थीं। इसके बाद उनका इलाज जेल के डाक्टर सारिका दीक्षिकर, डाक्टर वकार शेख के अलावा जेजे अस्पताल के डाक्टर खान और डाक्टर केर्णिकर ने किया था। बाद में दोपहर डेढ़ बजे इंद्राणी को बेहोशी की हालत में जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

इस बीच शीना हत्या कांड की जांच करनेवाली एजंसी सीबीआई के अधिकारियों ने इंद्राणी की हालत जानने के लिए जेजे अस्पताल के डीन डाक्टर लहाणे से मुलाकात की। इंद्राणी की वकील ने भी डाक्टर लहाणे से आधे घंटे तक बात की। शनिवार को इंद्राणी की वकील ने किला कोर्ट में आवेदन देकर मिलने की इजाजत मांगी। लेकिन अदालत ने इजाजत देने से पहले इंद्राणी की मेडिकल रिपोर्ट मंगाई है।

सूत्रों का कहना है कि इंद्राणी मानसिक रूप से काफी परेशान थीं और दवाएं ले रही थीं। लेकिन उनकी वकील का कहना है कि इंद्राणी के दवा लेने की जानकारी नहीं है। सूत्रों ने यह भी कहा है कि अपनी मां की मौत की खबर सुनकर वह सदमे में थी। वैसे जेल प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इंद्राणी को मां की मौत की खबर थी। जेल सूत्रों का कहना है कि यह जानकारी उन्हें दूरदर्शन या अखबार से मिली होगी। 

सूत्रों के मुताबिक शीना हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद से अब तक इंद्राणी से उनके पति पीटर मुखर्जी ने मुलाकात नहीं की है। इससे भी वह सदमे में हैं। जेल सूत्रों का कहना है कि इंद्राणी ने पीटर के नाम से तीन पत्र भेजे हैं। इसमें उन्होंने पीटर की बेवफाई का जिक्र किया है। पीटर ने इंद्राणी के पत्र का जवाब भी नहीं दिया है।