Saturday, April 18, 2015

छुट्टी के बाद 'तरोताज़ा' राहुल गांधी किसानों से मिले, जानी परेशानियां

नई दिल्ली : करीब दो महीने के अवकाश से लौटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कल आयोजित होने वाली किसान रैली से पहले आज अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में आज विभिन्न राज्यों से आए किसानों से मुलाकात की और संप्रग के कानून में नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से किये गए बदलाव के बारे में उनकी राय मांगी। राहुल गांधी के साथ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट भी थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उत्तरप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मध्यप्रदेश के किसानों के शिष्टमंडल से मुलाकात की और अपने आवास पर किसानों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। कांग्रेस उपाध्यक्ष कल किसान रैली को संबोधित करेंगे जिसे राहुल को नये सिरे से पेश करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है जो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में नये सिरे से जान फूंकने का प्रयास करेंगे। सचिन पायलट ने कहा, कल की रैली ऐतिहासिक होगी। इसमें देशभर से दिल्ली में लाखों की संख्या में किसान हिस्सा लेंगे। जिस तरह से कुछ लोगों के फायदे के लिए किसानों को ठगा जा रहा है, हम उसे लेकर भाजपा का पर्दाफाश करना चाहते हैं। पायलट ने कहा, भाजपा छोटे किसानों की जमीन हथियाने की साजिश कर रही है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि किसान रैली के अलावा राहुल लोकसभा में भी बोलेंगे और उम्मीद की जा रही है कि बजट सत्र के दूसरे हिस्से के शुरू होने पर वह सरकार को निशाने पर लें। अवकाश से लौटने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष के लिए रविवार की किसान रैली एक बड़ा कार्यक्रम होगा जिसके जरिये वह आमजन से रूबरू होंगे। पार्टी ने इस रैली में बड़ी संख्या में समर्थकों को जुटाने के लिए पूरी ताकत क्षोंक दी है। राहुल से मलाकात करने वाले शिष्टमंडल में भटटा परसौल गांव के किसान भी शामिल थे जहां 2011 में जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ राहुल ने पदयात्रा की थी।